!!!उसकी यादें !!!
आज भी जब वो याद आती है
मुस्कराते लब खामोश और
आंखे नम हो जाती है
.उसकी बेवफाई के बावजूद
उसकी यादें जहन से मिट नहीं पाई है
आज भी अक्सर भीड़ मे खुद को तनहा पता हूँ
चारो तरफ एक शोर है,
पर मै सिर्फ तन्हाइयों को महसूस कर पता हूँ
हालत तो अब भी पहले से हैं
बस मै ही बदल गया हूँ
एक बार जो खाई ठोकर
गिरकर संभल नहीं पाया हूँ ...............................
!!!!संदीप बलूनी !!!!
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